जबलपुर। कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लेने के बाद भी संक्रमित हुए लोगों को लेकर भले ही तरह-तरह की बात की जा रही हों लेकिन सच्चाई ये है कि कोरोना वैक्सीन से ही लोगों की जान कोरोना से बचाई जा सकती है। जबलपुर के डॉक्टर अजय सेठ इसका जीता जागता उदाहरण हैं।
शहर के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अजय सेठ कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज़ लगवा चुके थे लेकिन असावधानी बरतने पर वो हाल ही में कोरोना संक्रमित हो गए। वैक्सीन के दोनों डोज़ के बावजूद उनके संक्रमित हो जाने पर वैक्सीन पर ही सवाल उठाए जाने लगे थे लेकिन डॉक्टर सेठ की मेडिकल जांच बताती है कि वैक्सीन लगवाने के कारण ही उनकी जान बच पाई।
वैक्सीन की डोज़ लेने के कारण डॉ अजय सेठ के फेफड़े संक्रमित नहीं हो पाए जबकि कोरोना फेफड़ों पर ही सबसे बुरा असर करता है, वहीं वैक्सीन का फायदा ये भी हुआ कि कोरोना होने के बाद भी डॉ सेठ के ब्लड पैरामीटर्स बिगड़ नहीं पाए।
