साल 2025 में छत्तीसगढ़ में हुए कई बड़े रेल हादसे, कितनों की गई जान… जानें सालभर का लेखा-जोखा
• devendra kumar
साल 2025 छत्तीसगढ़ के रेलवे इतिहास में हादसों के लिहाज से चिंताजनक रहा। पूरे वर्ष राज्य के अलग-अलग जिलों में कई छोटे और बड़े रेल हादसे सामने आए। इनमें मालगाड़ियों का पटरी से उतरना, यात्री ट्रेनों की तकनीकी खराबी, लेवल क्रॉसिंग पर दुर्घटनाएं, ट्रैक मेंटेनेंस की कमी और सिग्नलिंग फेल्योर जैसी घटनाएं शामिल रहीं। हालांकि अधिकांश हादसों में जनहानि टल गई, लेकिन बार-बार हो रही घटनाओं ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।
CG Train Accident 2025 Report: किन क्षेत्रों में ज्यादा हादसे
साल 2025 में छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक रेल घटनाएं दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के अंतर्गत आने वाले बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, दुर्ग, राजनांदगांव और सरगुजा रेल सेक्शनों में दर्ज की गईं। ये सभी ऐसे प्रमुख रूट हैं, जहां कोयला, लौह अयस्क और सीमेंट की मालगाड़ियों की भारी आवाजाही रहती है, जिसके चलते ट्रैक पर लगातार दबाव बना रहता है और हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
कोरबा-बिलासपुर में साल 2025 का सबसे बड़ा हादसा
कोरबा-बिलासपुर रेल हादसे में एक और घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया है।.अरपा एलीट अस्पताल में भर्ती तुलाराम अग्रवाल की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसके साथ ही इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। गौरतलब है कि 4 नवंबर की शाम कोरबा से बिलासपुर आ रही मेमू ट्रेन ने लालखदान के पास खड़ी मालगाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी थी। इस भीषण हादसे में मेमू ट्रेन के लोको पायलट विद्यासागर समेत 11 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि 20 यात्री घायल हुए थे। हालांकि इलाज के दौरान घायलों की हुई मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर आज 14 हो गई है।
इलाज के दौरान मौत
परिजनों के मुताबिक, तुलाराम अग्रवाल 4 नवंबर से लगातार अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। जैसे ही मौत की खबर सामने आई, परिवार में कोहराम मच गया।मृतक के परिजनों ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि इस हादसे में रेलवे की घोर लापरवाही सामने आई है।