आप मुझे सदन का नियम मत सिखाओ… मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल पर भड़के अजय चंद्राकर, विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर उठाए सवाल
• devendra kumar
वित्त मंत्री ओपी चौधरी के बाद विजन डॉक्यूमेंट 2047 पर चर्चा के लिए विधायक अजय चंद्राकर को आमंत्रित किया गया। अजय चंद्राकर ने सदन को संबोधित करते हुए अंजोर विजन पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत रूमी की एक कविता से शुरू की। सभा को संबोधित करते हुए अजय चंद्राकर कहा कि विजन डॉक्यूमेंट 2047 आपने गरीबी उन्मूलन पर बात नहीं की, वूमेन इंपॉवर को छोड़ दिया, गरीबी उन्मूलन को स्पर्श नहीं किया, आपने लॉ एंड ऑर्डर को स्पर्श नहीं किया। यदि नीतियां बनती है तो रिफ्लेक्ट होनी चाहिए।
उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले पांच साल में ये स्पष्ट नहीं हो पाया कि रोजगार की परिभाषा क्या है? सरकार ये तय करे कि रोजगार इसको माना जाए, ये छत्तीसगढ़ के लिए जरूरी है। कृषि के क्षेत्र में चर्चा करते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि सिंचाई को आपने 2023—24 के आर्थिक सर्वेक्षण 37 प्रतिशत बताया। वहीं, 2024-25 के आर्थिक सर्वेक्षण में आपने सिंचाई 3 प्रतिशत घटकर 34 प्रतिशत हो गए। अब आप ये बताइए अरबों रुपए खर्च हुए वो कहां गए? सिंचाई का प्रतिशत घटा कैसे? और सिंचाई का प्रतिशत घट रहा है तो हमारा योगदान बराबर कैसे रहा।
उन्होंने बीच उत्पादन को लेकर कहा कि हम किसी भी तरह की बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर नहीं हैं। दुग्ध उत्पादन में हमारा योगदान सिर्फ 6 से 7 प्रतिशत के आसपास है। चारा उत्पादन का कोई प्रावधान ही नहीं है। एलाइड सेक्टर में हम इतने कमजोर, तो हमारी नीति क्या है? दुग्ध, अंडा, मधुमक्खी पालन में काम करने की जरूरत है।
