शहीद वीर नारायण सिंह ने मानव अधिकारों की लड़ाई लड़ी हूं डॉक्टर जोशी
• devendra kumar
। *शहीद वीर नारायण सिंह ने मानव अधिकारों की लड़ाई लड़ी- डॉ जोशी*
डॉ राधाबाई शासकीय नवीन कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय रायपुर छत्तीसगढ़ में प्राचार्य डॉ प्रीति मिश्रा के मार्गदर्शन एवं विभागाध्यक्ष डॉ मनीषा शर्मा के संयोजन में राजनीति विज्ञान विभाग के राजनीति विज्ञान परिषद द्वारा मानव अधिकार दिवस एवं छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद वीर नारायण सिंह की स्मृति में व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता डॉ विनोद कुमार जोशी, वरिष्ठ प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष अर्थशास्त्र ने अपने उद्बोधन में कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने 1856 में भीषण अकाल के दौरान, उन्होंने लोगों को भुखमरी से बचाने के लिए कसडोल के एक व्यापारी के गोदाम से अनाज निकालकर गरीबों में बाँट दिया था।इस कार्य को ब्रिटिश सरकार ने लूट माना और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जय स्तंभ चौक पर उन्हें फाँसी दे दी गई।वास्तव में देखा जाए तो शहीद वीर नारायण सिंह ने मानव अधिकारों का रक्षा किया था,मानव अधिकार हर व्यक्ति के लिए जीवन,स्वतंत्रता,समानता और गरिमा के साथ जीने के लिए अपरिहार्य हैं।ये अधिकार हमें केवल इसलिए प्राप्त होते हैं,क्योंकि हम मनुष्य हैं, और इन्हें किसी भी हालत में छीना नहीं जा सकता।मानव अधिकार विलासिता नहीं,बल्कि हमारी दैनिक आवश्यकताएँ हैं जो हमारे जीवन,स्वतंत्रता और सम्मान को बनाए रखती हैं।ये सुनिश्चित करते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति बिना किसी भय के अपने सपनों को पूरा कर सके।उन्होंने आयोजन हेतु विभाग की प्रशंसा किया।इस अवसर पर भूगोल विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ नम्रता शर्मा ने अधिकार और कर्तव्य को एक दूसरे का पूरक बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति अपने-अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें तो किसी भी व्यक्ति के अधिकारों का हनन नहीं होगा।मानव अधिकारों का सम्मान राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करने, संघर्षों को रोकने और विश्व में शांति और सुरक्षा स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य है।शहीद वीर नारायण सिंह छत्तीसगढ़ के एक महान स्वतंत्रता सेनानी और लोकनायक थे।उन्हें छत्तीसगढ़ के इतिहास में उनके महत्वपूर्ण योगदान और बलिदान के लिए जाना जाता है।इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार ने उनके सम्मान में कई योजनाएं और पुरस्कार शुरू किए हैं।छत्तीसगढ़ विधानसभा का नाम भी उन्हीं के नाम पर रखा गया है।शहीद वीर नारायण सिंह को छत्तीसगढ़ में न्याय,बलिदान और देशभक्ति का प्रतीक माना जाता है।इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के स्वयंसेवकों ने मानव अधिकारों के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से रैली निकाली। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ भूपेंद्र कुमार साहू ने किया तथा डॉ श्वेता बेहरा एवं डॉ मनीला दुबे की आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका रही।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रही।
