ठंड का कहर… भगवान को पिला रहे हल्दी वाला गर्म दूध! पहनाए विशेष प्रकार के गर्म कपड़े
• devendra kumar
भगवान तो सर्वशक्तिमान हैं, लेकिन भक्तों का उनके प्रति भावनात्मक लगाव मंदिरों में देखने को मिल रहा है। दरअसल, ऋतु के हिसाब से शहर के मंदिरों में बढ़ती ठंड के चलते भगवान के वस्त्र के साथ आहार भी बदल गया है। इसकी शुरूवात अनेक मंदिरों में एकादशी से हो गई है। वहीं अन्य मंदिरों में पूर्णिमा से हो चुकी है।
CG Cold Wave: ठंड के कारण माता के भोग में बदलाव
धमतरी की आराध्य देवी विंध्यवासिनी माता के शयन कक्ष में परंपरा अनुसार दीवान, रजाई, गर्म कपड़े रखे जा रहे। ठंड के चलते तुलजा भवानी माता के भोग में भी आंशिक बदलाव किया गया है। भगवान को भोग में गर्म दूध, ड्रायफ्रूट, घी, मौसमी फल के अलावा रात में हल्दी के साथ गर्म दूध दिया जा रहा है। इतवारी बाजार क्षेत्र स्थित तुलजा भवानी माता को शॉल से कवर किया गया है। रात में अतिरिक्त गर्म कपड़े में ढंककर माता को ठंड से बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
खाटू श्याम बाबा मंदिर पहनाए गर्म कपड़े
इसी तरह रायपुर रोड स्थित खाटू श्याम बाबा मंदिर में भी बाबा को रात में गर्म कपड़े से कवर किया जा रहा। इसी तरह शहर के अन्य मंदिरों में भी सर्दी के हिसाब से भगवान को गर्म कपड़े के साथ विशेष प्रकार के भोग अर्पित किए जा रहे। पुजारियों ने बताया कि वर्तमान में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। भगवान को भी गर्म कपड़े से भी ढंक रहे हैं। बसंत पंचमी तक चलेगा।
आस्था सर्वोपरि: पुजारी
नगर की अधिष्ठात्री विंध्यवासिनी देवी मंदिर के पुजारी पंडित अरूण तिवारी, पंडित विजय शर्मा ने बताया कि मौसम के हिसाब से ही माता के कपड़े, भोग आदि की व्यवस्था करते हैं। वर्षों बाद इस साल तेज ठंड पड़ रही है। आस्था सर्वोपरि है। माता के आहार में कुछ खास बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन रात में शयन आरती के बाद माता के गर्भगृह में शयन के लिए रजाई, कंबल, शाल आदि रखा जा रहा है।