वित्तीय अनुशासन से विकास की नई इबारत लिख रही विष्णु देव साय सरकार, छत्तीसगढ़ के राजस्व में सतत् वृद्धि…
• devendra kumar
रायपुर। किसी भी राज्य की प्रगति का सबसे मजबूत आधार उसका सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन और कुशल प्रशासनिक व्यवस्था होती है. जब शासन पारदर्शिता, अनुशासन और दूरदर्शिता के साथ कार्य करता है, तब न केवल राजस्व में वृद्धि होती है, बल्कि विकास की गति भी टिकाऊ बनती है. छत्तीसगढ़ में हाल के समय में यह स्पष्ट रूप से देखने को मिला है कि प्रशासनिक सुधारों और वित्तीय अनुशासन के समन्वित प्रयासों से राज्य की आर्थिक स्थिति लगातार सुदृढ़ हो रही है.
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने यह सिद्ध किया है कि यदि नीयत साफ हो, नीतियाँ स्पष्ट हों और क्रियान्वयन मजबूत हो, तो सीमित संसाधनों के बावजूद भी राजस्व में सतत वृद्धि संभव है.
साय सरकार का वित्तीय प्रबंधन केवल आंकड़े नहीं बल्कि नीति का प्रतिबिंब
वित्तीय प्रबंधन को ज़्यादातर बजट, कर संग्रह या खर्च तक सीमित समझा जाता रहा है जबकि वास्तव में यह राज्य की नीतिगत सोच और प्रशासनिक क्षमता का दर्पण होता है. छत्तीसगढ़ सरकार ने इस अवधारणा को गहराई से समझते हुए वित्तीय प्रबंधन को दीर्घकालिक विकास रणनीति से जोड़ा है. छत्तीसगढ़ की साय सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि सरकारी खर्च उत्पादक क्षेत्रों में हो, अनावश्यक व्यय पर नियंत्रण रखा जाए, राजस्व स्रोतों का विस्तार और सुदृढ़ीकरण किया जाए, इसका प्रत्यक्ष परिणाम यह हुआ कि राज्य की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई और विकास कार्यों के लिए संसाधनों की उपलब्धता बढ़ी.
