धमतरी में माओवाद को तगड़ा झटका, 5 लाख की इनामी महिला कमांडर भूमिका ने किया सरेंडर, 20 साल बाद छोड़ी बंदूक
• devendra kumar
धमतरी। छत्तीसगढ़ शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति और पुलिस के बढ़ते दबाव का एक बड़ा असर देखने को मिला है। मंगलवार को 5 लाख रुपये की इनामी महिला माओवादी भूमिका उर्फ गीता उर्फ सोमारी (37 वर्ष) ने धमतरी पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। नगरी एरिया कमेटी की सदस्य और गोबरा एलओएस कमांडर के रूप में सक्रिय भूमिका ने एसपी सूरज सिंह परिहार के समक्ष मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
संगठन में भेदभाव और विचारधारा से मोहभंग
बीजापुर जिले के ग्राम पुसनार की मूल निवासी भूमिका वर्ष 2005 से ही माओवादी संगठन में सक्रिय थी। पुलिस के अनुसार, लंबे समय तक संगठन में रहने के बाद उसे अहसास हुआ कि वहां विचारधारा के नाम पर केवल भेदभाव है। पारिवारिक और दांपत्य जीवन से वंचित रहना और संगठन के भीतर होने वाले दुर्व्यवहार ने उसे हथियार छोड़ने पर मजबूर कर दिया। धमतरी पुलिस द्वारा चलाए जा रहे सिविक एक्शन कार्यक्रमों और नक्सल विरोधी अभियानों ने उसे मुख्यधारा की ओर आकर्षित करने में बड़ी भूमिका निभाई।
प्लाटून सदस्य से कमांडर तक का सफर
भूमिका का नक्सली सफर दो दशकों लंबा रहा है। 2005 में संगठन से जुड़ने के बाद 2010 तक वह प्लाटून-01 में रही। इसके बाद उसने ओडिशा राज्य कमेटी में कार्य किया और 2011 से 2019 तक सीसीएम संग्राम की गार्ड के रूप में तैनात रही। वर्ष 2019 में वह सीनापाली एरिया कमेटी में एसीएम बनी और सितंबर 2023 से गोबरा एलओएस कमांडर की जिम्मेदारी संभाल रही थी। हाल के दिनों में सदस्यों की कमी के चलते वह नगरी और सीतानदी एरिया कमेटी के साथ संयुक्त रूप से सक्रिय थी।
