छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा:जिस स्कूल में छात्र पढ़ते हैं, दसवीं और बारहवीं के लिए वहीं बनेंगे परीक्षा केंद्र, एक कमरे में 25 छात्र ही बैठेंगे


 दसवीं-बारहवीं छत्तीसगढ़ बोर्ड परीक्षा में इस बार बैठक व्यवस्था भी अलग होगी। पहले जिन कमरों में 50 छात्र बैठते थे, वहां अब 25 छात्र को ही बैठाना होगा। इसके अलावा सभी के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। कोरोना काल में बोर्ड परीक्षा का ऑफलाइन आयोजन किया जा रहा है। यानी छात्रों को केंद्र में आकर परीक्षा देनी होगी। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा मंडल से इसकी तैयारी की जा रही है। अफसरों का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए जो गाइडलाइन है उसका पालन करना होगा। इसके लिए केंद्रों को निर्देश जारी किए गए हैं।

कोरोना काल में दसवीं की परीक्षा से आयोजित की जाएगी। इसकी शुरुआत 15 अप्रैल से होगी। यह परीक्षा खत्म होने के बाद बारहवीं की परीक्षा होगी। पिछली बार दसवीं-बारहवीं परीक्षा के लिए करीब 2200 केंद्र थे। इस बार केंद्रों की संख्या बढ़कर 6700 की गई है। माशिमं के अफसरों का कहना है कि इस बार की परीक्षा में छात्रों को परेशानी इसलिए न सिर्फ केंद्रों की संख्या बढ़ायी गई है, बल्कि जिन स्कूलों में छात्र पढ़ते हैं वहीं परीक्षा केंद्र भी बनाया गया है।

प्राइवेट से आवेदन करने वाले छात्रों के लिए भी यही व्यवस्था है। यानी जिस स्कूल से छात्र ने प्राइवेट के लिए फार्म भरा है वही उसका सेंटर होगा। गौरतलब है दसवीं-बारहवीं की परीक्षा के लिए इस बार करीब साढ़े सात लाख से अधिक छात्र हैं। इसमें से 4 लाख से ज्यादा छात्र दसवीं में हैं। बाेर्ड परीक्षा के लिए माशिमं से प्रवेश पत्र जारी किए जा चुके हैं।
पहले तीन-चार स्कूलों के लिए यह सेंटर होता था : शिक्षाविदों का कहना है कि पहले बोर्ड परीक्षा के लिए सभी स्कूलों में सेंटर नहीं बनाए जाते थे। तीन-चार स्कूलों के लिए एक केंद्र बनाया जाता था। कई प्राइवेट स्कूलों में केंद्र नहीं बनाए जाते थे। लेकिन कोरोना काल में बदलाव किया गया है।