महासमुंद। मां खल्लारी के दर्शन में अब श्रद्धालुओं को आसानी होगी। खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव आज रोप-वे निर्माण का भूमिपूजन करेंगे। बता दें मंदिर में 981 सीढ़ी चढ़कर श्रद्धालु मां के दर्शन करते थे। लेकिन अब रोप-वे के बन जान से लोगों को काफी आसानी और समय की बचत हो सकेगी।
खल्लाली के बारे में जानें..
छत्तीसगढ़ में ऐसे बहुत से ऐतिहासिक व प्राचीन स्थल है, जिसका वर्णन रामायण व महाभारत ग्रन्थ में मिलता है, उन्हीं में से एक स्थल है, खल्लवाटिका जिसे अब खल्लारी के नाम से जाना जाता है। जिले से 25 किमी दक्षिण की ओर खल्लारी गांव की पहाड़ी के शीर्ष पर खल्लारी माता का मंदिर स्थित है। प्रतिवर्ष क्वांर एवं चैत्र नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ इस दुर्गम पहाड़ी में दर्शन के लिए आती है। हर साल चैत्र मास की पूर्णिमा के अवसर पर वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि महाभारत युग में पांडव अपनी यात्रा के दौरान इस पहाड़ी की चोटी पर आए थे, जिसका प्रमाण भीम के विशाल पदचिन्ह हैं जो इस पहाड़ी पर स्पष्ट नजर आते हैं।