कौन बनेगा नेता प्रतिपक्ष?:मीनल चौबे का नाम सबसे ऊपर, सूर्यकांत राठौड और मृत्युंजय भी रेस में, भाजपा देर रात तक कर सकती है घोषणा


 नगर निगम के चुनाव के लगभग 1 साल पूरे होने के बाद अब भाजपा ने नेता प्रतिपक्ष का नाम तय कर लिया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार देर रात तक इसकी घोषणा की जाएगी। जिम्मेदारी किसे दी जानी है ये तय कर लिए गए हैं। इनमें सबसे ऊपर मीनल चौबे का नाम है। इसके बाद सूर्यकांत राठौड और मृत्युंजय दुबे भी नेता प्रतिपक्ष की रेस का हिस्सा हैं। गुरुवार को करीब 4 घंटे चली बैठक बेनतीजा रही थी। सभी पार्षदों को प्रदेश भाजपा कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में बुलाया गया था। हर पार्षद से पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सवन्नी और रायपुर जिले के प्रभारी खूबचंद पारख ने बंद कमरे में चर्चा की थी। नगर निगम में इस वक्त 3 निर्दलीय, 38 कांग्रेस और 29 भाजपा के पार्षद हैं।

इस वजह से मीनल बन सकती हैं नेता प्रतिपक्ष
तीन बार पार्षद चुनाव जीत चुकीं मीनल चौबे भाजपा में संगठन के स्तर पर भी सक्रिय हैं। इस वक्त रायपुर की नगर निगम में सीनियर पार्षदों में से एक हैं। जब भाजपा से माहापौर तय करने को लेकर समीकरण बन रहे थे, तब भी मीनल का नाम सुझाया गया था। नगर निगम में इस बार महिला पार्षदों का भी दब-दबा है। दूसरी तरफ सूर्यकांत राठौड़ पहले भी नेता प्रतिपक्ष रह चुके हैं। इस बार पार्षदों की बैठक में नए चेहरे को मौका दिए जाने की चर्चा जोरों पर रही। करीब सालभर पहले भी नेता प्रतिपक्ष को लेकर हुई चर्चा में मीनल चौबे का नाम कई पार्षदों ने सुझाए हैं।

सूर्यकांत राठौड़ के लिए इन बड़े नेताओं ने की लॉबिंग
पार्टी के कद्दावर नेता और रायपुर से विधायक बृजमोहन अग्रवाल इससे पहले नेता प्रतिपक्ष चुनने की समिति के संयोजक रह चुके हैं। उन्होंने सूर्यकांत राठौड़ के नाम की अनुशंसा की, मगर तब पार्षदों ने विरोध कर दिया। संगठन स्तर के नेता भी तब सूर्यकांत को जिम्मा सौंपने के पक्ष में नहीं रहे और मामला टल गया। सूत्रों के मुताबिक गुरुवार को हुई बैठक के पहले भी पार्टी के बड़े नेता सूर्यकांत को ही नेता प्रतिपक्ष बनाने पर जोर देते रहे। खबर ये भी है कि कई पार्षदों के पास खुद सांसद सुनील सोनी ने फोन पर बात की और उन्हें भरोसे में लिया।

क्या मृत्युंजय की होगी विजय ?
नेता प्रतिपक्ष की रेस में मृत्युंजय दुबे का नाम भी है। महापौर पद के लिए भाजपा की तरफ से इन्होंने पूरा दम लगाया था। दैनिक भास्कर से चर्चा में दुबे ने कहा कि गुरुवार को सभी पार्षदों से बड़े नेताओं से बात की है। हो सकता है कि मेरा नाम भी सुझाया गया हो, मैं लंबे समय से काम करता रहा हूं, पार्षदों ने मेरा काम देखा है। सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। नामों की घोषणा जल्द होगी। नेता प्रतिपक्ष चुनने की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है, संगठन की तरफ से जो भी नाम तय होगा मुझे वो मंजूर होगा।

जानिए बंद कमरे में हुई बैठक में क्या हुआ
गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के सभी पार्षद कुशाभाउ ठाकरे परिसर पहुंचे। सिर्फ विश्वदिनी पांडे और नारद कौशल नहीं आए। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेंडी, प्रदेश महामंत्री भूपेंद्र सवन्नी और जिला प्रभारी खूबचंद पारख ने सभी पार्षदों से कहा कि हम आज शाम तक नाम का एलान कर देंगे। पार्षदों से नेताओं ने कहा कि वो जो भी नाम देंगे वो संगठन को मंजूर होगा, हमारी तरफ से किसी के साथ अन्याय नहीं होगा, आप हम पर भरोसा कर सकते हैं।