बड़ी लापरवाही:कोरोना काल में गर्भवती व बच्चों को कागजों में बांटी आयरन टेबलेट, एक्सपायरी के बाद लापरवाही छिपाने जंगल में फेंका


 बलरामपुर जिले में कुपोषण व एनीमिक महिलाओं और बच्चों के लिए महिला बाल विकास विभाग व शिक्षा विभाग के अफसरों को आयरन के टेबलेट दी गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन में बड़ी लापरवाही बरती गई। ये टेबलेट अफसरों की लापरवाही व मानिटरिंग के आभाव में एक्सपायर हो गईं और जिम्मेदारों ने लापरवाही को छिपाने पलटन घाट पर फेंक दिया। जांच हो जाए तो कई जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है क्योंकि जो टेबलेट फेंकी गई हैं उन्हें कागजों में बांटना बताया गया है।

सीजीएमएससी के द्वारा फेरस सल्फेट एंड फोलिक एसिड टेबलेट रामानुजगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दी गई थीं जहां से इसे महिला बाल विकास विभाग एवं विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय को दिया गया। इसके बाद उन्हें बच्चों व गर्भवती महिलाओं को वितरित किया जाता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

टेबलेट की मैन्युफैक्चरिंग डेट 10 अक्टूबर 2018 थी तो एक्सपायरी की तारीख 9 सितंबर 2020 थी, लेकिन जिन्हें वितरण के लिए दिया गया था वे बैठकर एक्सपायरी डेट का इंतजार कर रहे थे और जैसे ही एक्सपायरी डेट आई तो उसके बाद इसे पलटन घाट में ले जाकर फेंक दिया गया। विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारी डॉ कैलाश ने कहा कि यह टेबलेट बच्चों को देने के लिए आई थी जिसे महिला बाल विकास विभाग व शिक्षा विभाग को दिया गया था।