बस्तर में निकली अनोखी अंतिम यात्रा, मुखिया के निधन के बाद गम नहीं, बाजे-गाजे के साथ भक्ति में डूबे थे लोग, वीडियो हो रहा वायरल
छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के मांडाभर्री गांव में एक ऐसी अनोखी अंतिम यात्रा निकली गई चर्चा का विषय बनी हुई है। दरसल ग्राम पटेल गिरवर पांडे के निधन के बाद उनकी अंतिम यात्रा में भजन, संगीत और बाजे-गाजे के साथ भव्य तरीके से निकाली गई। इस अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में आसपास के ग्रामीणों मौजूद रहे। जानकारी के अनुसार मृतक गिरवर पांडे का निधन एक बीमारी के चलते हो गया था। जिसके बाद मृतक गिरवर पांडे का अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों ने मातम के बजाय इस अंतिम यात्रा में भजन-कीर्तन के साथ से उन्हें विदाई दी। ये खर का भरोसा चोला माटी के हे राम जैसे भजनों की मधुर धुनों के साथ गिरवर पांडेका शव यात्रा पूरे गांव से निकाली गई। ग्रामीणों ने बताया कि इस अनोखे आयोजन का उद्देश्य जीवन के अस्थायी स्वरूप और आत्मा की शाश्वतता का संदेश देना था। इस दौरान न सिर्फ मांडाभर्री बल्कि आसपास के गांवों से भी सैकड़ों ग्रामीण इस अंतिम यात्रा में शामिल हुए। मानो यह एक सामाजिक जागरूकता का आयोजन हो जिसमें मृत्यु को जीवन के उत्सव की तरह स्वीकारा गया।