भाजपा के प्रदेश महामंत्री डॉक्टर नवीन मारकंडेय ने भूपेश सरकार के कार्यकाल में हुए घोटाले का किया खुलासा
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डॉ. नवीन मार्कण्डेय*
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*रायपुर।* भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय ने कहा है कि ईओडब्ल्यू और एसीबी द्वारा प्रदेश की भूपेश सरकार के कार्यकाल में हुए 32 सौ करोड़ रुपए के शराब घोटाले मे मंगलवार को प्रस्तुत किया गया एक और पूरक चालान यह बताता है कि पिछली कांग्रेस सरकार ने प्रदेश के खजाने में किस तरह निर्लज्जतापूर्क डाका डालने का काम किया था। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि आज जब परत-दर-परत इस मामले में खुलासा हो रहा है, तो पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत तमाम कांग्रेस नेता प्रदेश की जनता का ध्यान भटकाने में लगे हुए हैं।
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि शराब घोटाले का प्रारूप बनाने का निर्णय भूपेश सरकार के कार्यकाल में लिया गया। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो द्वारा प्रस्तुत छठवां अभियोग पत्र मुख्यतः विदेशी शराब पर लिये गये कमीशन की जाँच पर आधारित है। पूरा प्रदेश जानता है कि कांग्रेस के शासनकाल में आबकारी विभाग में एक सिंडीकेट सक्रिय था, जिसमें प्रशासनिक अधिकारी अनिल टुटेजा, अरुणपति त्रिपाठी, निरंजन दास के अलावा अनवर ढेबर, विकास अग्रवाल, अरविंद सिंह आदि शामिल थे। इनके नियंत्रण में विभाग में कमीशनखोरी की अवैध गतिविधियाँ संचालित हो रही थीं। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि जाँच में यह तथ्य भी सामने आया है कि कुछ विदेशी शराब सप्लायर कंपनियाँ सप्लाई की जा रही शराब पर सिंडीकेट को नगदी में कमीशन देने के लिये तैयार नहीं थीं। इस अड्चन को दूर करने के लिये उस समय सक्रिय सिंडीकेट ने एफएल-10 ए/बी लाइसेंसी व्यवस्था शुरू की। इसके तहत ब्रेवरेज कॉर्पोरेशन को किनारे कर जिन तीन निजी कम्पनियों को लाइसेंस दिया गया, वे सिंडीकेट के करीबी व राजनैतिक संरक्षण प्राप्त व्यक्ति थे।
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि अभियोग पत्र में ओम साई बेवरेज कंपनी से जुडे हुए विजय कुमार भाटिया, नेक्सजेन पॉवर इंजिटेक प्रालि. के संजय मिश्रा, मनीष मिश्रा, अभिषेक सिंह की गिरफ्तारी कर अभियोजित किया गया है। डॉ. मार्कण्डेय ने कहा कि जब भी भ्रष्टाचार पर कार्रवाई होती है, कांग्रेस उन गोरखधंधों से जुड़े लोगों का बचाव करने तमाम प्रकार के सियासी ड्रामे करके प्रदेश की जनता का ध्यान भटकाने का काम करने लगती है, लेकिन कांग्रेस नेता यह कतई न भूलें कि प्रदेश में अब "विष्णु का सुशासन" चल रहा है जो प्रदेश को भ्रष्टाचार से पूरी तरह मुक्त करने और प्रदेश के खजाने पर डाका डालने वालों को सींखचों के पीछे भेजने के लिए संकल्पित है।
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