सनातन हवा में तैर रहा, अध्यात्म पीछे छूट गया… चाय वाले बाबा का तीखा बयान, धीरेंद्र शास्त्री को लेकर कही बड़ी ये बात…
• devendra kumar
छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले के ग्राम खैरबना में राजपरिवार के तत्वावधान में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह के दौरान आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री उर्फ ‘चाय वाले बाबा’ के तीखे और बेबाक वक्तव्यों ने धार्मिक जगत में नई बहस छेड़ दी है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने सनातन, अध्यात्म और कथावाचन की वर्तमान प्रवृत्तियों पर खुलकर अपनी बात रखी।
CG News: ‘सनातन हवा में तैर रहा, अध्यात्म पीछे छूट गया’
आचार्य नरेंद्र नयन शास्त्री ने कहा कि आज देश में सनातन धर्म की चर्चा तो बहुत है, लेकिन धर्म और पाखंड के बीच का फर्क समझना जरूरी है। उन्होंने कहा, “पहले सौ लोग कथा सुनते थे तो उनके भीतर अध्यात्म जागता था, आज लाखों सुनते हैं लेकिन अध्यात्म नहीं जाग रहा।” उनके मुताबिक, आज कथा श्रवण की जगह प्रदर्शन हावी हो गया है।
कथा में आडंबर बढ़ा, सादगी हुई गायब
उन्होंने कथावाचकों द्वारा स्वयं को निःशुल्क बताने पर भी सवाल उठाए। आचार्य ने तंज कसते हुए कहा कि जब लाखों की भीड़, हवाई यात्रा, पांच सितारा इंतजाम और करोड़ों के पैकेज नजर आते हैं, तो इसे निःशुल्क कैसे कहा जा सकता है। उनके अनुसार, अध्यात्म की जगह अब आडंबर ने ले ली है।
चार हिंदुत्व बयान देकर हीरो बनना समाधान नहीं
चाय वाले बाबा ने कहा कि केवल चार हिंदुत्व टिप्पणियां कर हीरो बन जाना या हर मुद्दे पर बयान देना सनातन को आगे नहीं बढ़ाता। सनातन की मजबूती के लिए गहराई, साधना और आत्मचिंतन जरूरी है, न कि सिर्फ मंचीय भाषण।
